Indian rivers in Hindi | भारत की प्रमुख नदियाँ~भूगोल

Indian rivers in Hindi | भारत की प्रमुख नदियाँ~भूगोल UPSC, SSC, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा को अच्छे अंकों के साथ पास करने के लिए सामान्य ज्ञान सेक्शन का तैयार होना अत्यंत आवश्यक है। इस परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए आपको सामान्य ज्ञान / सामाजिक जागरूकता और वर्तमान मामलों के बारे में पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए। तो यहाँ आपकी परीक्षा के सामान्य ज्ञान सेक्शन में आपकी सहायता के लिए भारत की नदियां और ड्रेनेज सिस्टम पर एक जीके लेख दिया गया है। इसलिए इस लेख को ध्यान से पढ़ें और अपने सामान्य ज्ञान सेक्शन की तैयारी को बढ़ायें। साथ ही इस लेख को पढ़ने के बाद PDF DOWNLOAD करना न भूलें।

Indian rivers

UPSC, SSC, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी

Indian rivers | भारत की प्रमुख नदियाँ

नदी धरती पर बहने वाली एक जलधारा होती है। नदियों का स्रोत आमतौर पर बर्फ का ग्लेशियर यानि हिमनद, झील, प्राकृतिक स्रोत या झरना अथवा बारिश का पानी होता है। किसी भी नदी का समापन किसी बड़ी, सागर, झील या मरुस्थल में होता है।

भारतीय नदियाँ (Indian Rivers) – प्रमुख तथ्य

भारत की नदी प्रणाली को चार समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है – 1. हिमालयी नदियाँ 2. डेक्कन (प्रायद्वीपीय) नदियाँ 3. तटीय नदियाँ और 4. अंतर्देशीय जल निकास वाली नदियाँ
लूनी, मच्चू, रुपेन, सरस्वती, बनास और घघ्घर कुछ ऐसी नदियाँ है जो किसी समुद्र में प्रवाहित नही होती बल्कि रेत मे विलीन हो जाती है
सुवर्णरेखा, वामशधारा, नागावली, वैगई, नेत्रवती और शरावती तटीय नदियों के उदाहरण हैं ।
भारत की सबसे लंबी नदी गंगा है, तथा दुसरे, तीसरे, चौथे व पाँचवे स्थान पर गोदावरी, यमुना, कृष्णा और नर्मदा है ।
भारत से होकर बहनेवाली सबसे लंबी नदी सिंधु नदी है जो तिब्बत से निकलती है और भारत व पाकिस्तान से बहकर अरब सागर में प्रवेश करती है ।
गंगा को भागीरथी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह माना जाता है कि राजा भागीरथ ने ही गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने का कार्य किया था । भागीरथी और अलकनंदा देवप्रयाग में मिलती है और गंगा के नाम से जानी जाती है । गंगा नदी का जो भाग बांग्लादेश में प्रवाहित होता है, उसे पद्मा के नाम से जाना जाता है ।
भारतीय की अधिकांश नदियाँ बंगाल की खाड़ी में प्रवाहित होती है लेकिन कुछ जैसे नर्मदा, ताप्तीi और पेरियार अरब सागर में प्रवाहित होती है ।
तत्कालीन पंजाब क्षेत्र की पांच नदियाँ है – सतलुज, रावी, ब्यास, झेलम और चिनाब
गोदावरी को दक्षिण गंगा के नाम से भी जाना जाता है ।
ब्रह्मपुत्र को तिब्बत में यारलुंग त्संग्पो और अरुणाचल प्रदेश में दिहंग के नाम से जाना जाता है । इसे बांग्लादेश में जोमुना के नाम से जाना जाता है ।
सिंधु नदी को तिब्बत में सिंगी खम्बान (शेर का मुंह) के नाम से जाना जाता है ।
दामोदर नदी को बंगाल का शोक भी कहा जाता है ।
प्रयाग या इलाहाबाद को तीन नदियों (गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती) का संगम माना जाता है ।
सरकार द्वारा बारह नदियों को प्रमुख नदियों में वर्गीकृत किया गया है ।
सिंधु ब्रह्मपुत्र , और सतलज तीन ऐसी नदियाँ है जो तिब्बती पठार में आरंभ होकर शक्तिशाली हिमालय पर्वतमाला को लांघ कर भारत में प्रवेश करती है । इन्हे ट्रांस हिमालयन नदियाँ कहा जाता है ।

🌺 नदियों की रोचक जानकारी~भूगोल 🌺

🌸. भागीरथी नाम से गंगा को कहां बुलाया जाता है ?
►-गंगोत्री के पास ( यह हिमानी गंगा का उद्गम स्थल है )

🌸. गंगोत्री कहां स्थित है और इसकी ऊंचाई कितनी है ?
►-उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 3900 किमी की ऊंचाई पर गोमुख के निकट गंगोत्री हिमानी गंगा का उद्गम स्त्रोत है ।

🌸. अलकनंदा का उद्गम स्त्रोत क्या है ?
►-बद्रीनाथ के ऊपर सतोपंथ हिमानी (अलकापुरी हिमनद)

🌸. गंगा नदी को गंगा कहकर कहां से बुलाया जाता है ?
►-देवप्रयाग के बाद । जहां अलकनंदा और भागीरथी आपस में मिलती है । और
हरिद्वार के निकट मैदानी भाग में पहुंचती है ।

🌸. गंगा को पद्मा नाम से कहां पुकारा जाता है ?
►-बांग्लादेश

🌸 सिंधु भारत में किस राज्य से होकर बहती है ?
►-जम्मू-कश्मीर

🌸. भारत और पाकिस्तान के बीच संधि जलसंधि कब हुआ था ?
►-1960 ई. (भारत इस नदी का 20 प्रतिशत पानी ही इस्तेमाल कर सकता है)

🌸. नदियां ➨और उनके उदगम स्थल ➨संगम/मुहाना?
►-सिंधु ➨ सानोख्याबाब हिमनद (तिब्बत के मानसरोवर झील के पास)➨अरब सागर
गंगा ➨ गंगोत्री ➨ बंगाल की खाड़ी

🌸-यमुना ➨ यमुनोत्री हिमानी (बंदरपूंछ के पश्चिमी ढाल पर स्थित) ➨ प्रयाग (इलाहाबाद)

🌸-चंबल ➨ जाना पाव पहाड़ी (मध्यप्रदेश के मऊ के नजदीक) ➨ इटावा (उ.प्र)

🌸-सतलज ➨ राकस ताल (मानसरोवर झील के नजदीक) ➨ चिनाब नदी

🌸-रावी ➨ कांगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे के नजदीक ➨ चिनाब नदी

🌸-झेलम ➨ शेषनाग झील {बेरीनाग(कश्मीर) के नजदीक} ➨ चिनाब नदी

🌸-व्यास ➨ व्यास कुंड (रोहतांग दर्रा) ➨ कपूरथला (सतलज नदी)

🌸-कोसी ➨ गोसाईथान चोटी के उत्तर में ➨ गंगा नदी (कारागोला के दक्षिण-पश्चिम में)

🌸-गंडक ➨ नेपाल ➨ गंगा (पटना के नजदीक)

🌸-रामगंगा ➨ नैनीताल के नजदीक हिमालय श्रेणी का दक्षिणी भाग ➨ कन्नौज के निकट गंगा नदी

🌸 शारदा (काली गंगा) ➨ कुमायूं हिमालय ➨ घाघरा नदी (बहराम घाट के निकट)

🌸-घाघरा या करनाली या कौरियाला ➨ नेपाल में तकलाकोट से ➨ गंगा नदी (सारण तथा बलिया जिले की सीमा पर)

🌸-बेतवा या वेत्रवती ➨ विंध्याचल पर्वत (मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के कुमारगांव के निकट) ➨ हमीरपुर (यमुना नदी में)

🌸-सोन ➨ अमरकंटक की पहाड़ियां ➨ पटना के नजदीक गंगा नदी में

🌸-ब्रह्मपुत्र ➨ तिब्बत के मानसरोवर झील से ➨ बंगाल खाड़ी

🌸-नर्मदा ➨ अमरकंटक (विध्याचल श्रेणी) ➨ खंभात की खाड़ी

🌸-ताप्ती ➨ मध्यप्रदेश के बैतुल जिले के मुल्ताई के निकट ➨ खंभात की खाड़ी (सूरत के पास)

🌸-महानदी ➨ सिहावा (छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के निकट) ➨ बंगाल की खाड़ी (कटक के निकट)

🌸-क्षिप्रा ➨ काकरी बरडी नामक पहाड़ी (इंदौर) ➨ चंबल नदी

🌸-माही ➨ मध्यप्रदेश के धार जिला के अमझोरा में मेहद झील ➨ खंभात की खाड़ी

🌸लूनी ➨ अजमेर जिले में स्थित नाग पहाड़ (अरावली पर्वत) ➨ कच्छ की रन

🌸हुगली ➨ यह गंगा की शाखा है, जो धुलिया(पं बंगाल) के दक्षिण गंगा से अलग होती है.. ➨ बंगाल की खाड़ी

🌸-कृष्णा ➨ महाबलेश्वर के निकट पश्चिम पहाड़ ➨ बंगाल की खाड़ी

🌸-गोदावरी ➨ महाराष्ट्र के नासिल जिले त्र्यंबक गांव की एक पहाड़ी ➨ बंगाल की खाड़ी

🌸-कावेरी ➨ ब्रह्मगिरी पहाड़ी (कर्नाटक के कुर्ग जिले में) ➨ बंगाल की खाड़ी

🌸-तुंगभद्रा ➨ गंगामूल चोटी से तुंगा और काडूर से भद्रा (कर्नाटक) ➨ कृष्णा नदी

🌸-साबरमती ➨ जयसमुद्र झील (उदयपुर जिले में अरावली पर्वत पर स्थित) ➨ खंभात की खाड़ी

🌸-सोम ➨ बीछा मेंडा (उदयपुर जिला) ➨ माही नदी (बपेश्वर के निकट)

🌸-पेन्नार ➨ नंदीदुर्ग पहाड़ी (कर्नाटक) ➨ बंगाल की खाड़ी

🌸-पेरियार (यह नदी केरल में बहती है) ➨ परियार झील

🌸-उमियम ➨ उमियम झील (मेघालय)

🌸-बैगाई ➨ कण्डन मणिकन्यूर में मदुरै के निकट (तमिलनाडु) ➨ बंगाल की खाड़ी

🌸-दक्षिणी टोंस ➨ तमसाकुंड जलाशय (कैमर की पहाड़ियों में स्थित) ➨ सिरसा के निकट गंगा में

🌸-आयड़ या बेडच ➨ गोमुंडा पहाड़ी (उदयपुर के उत्तर में) ➨ बनास नदी

DOWNLOAD BUTTON

भूगोल – भारत की नदियां और ड्रेनेज सिस्टम

चैनलों के माध्यम से पानी का प्रवाह को जल निकासी कहा जाता है। ऐसे चैनलों का नेटवर्क जल निकासी प्रणाली के रूप में जाना जाता है। उत्पत्ति के आधार पर, भारतीय जल निकासी व्यवस्था को हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों में बांटा गया है।

I. हिमालयी नदियां

  • प्रमुख हिमालयी नदियां गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र हैं।
  • ये नदियां दक्षिण भारत की नदियों की तुलना में बहुत लंबी हैं।
  • इन्हे बारहमासी नदियां भी कहा जाता है।

A. सिंधु नदी प्रणाली

  • इसे सिंधु नदी भी कहा जाता है।
  • कुल लंबाई 2880 किमी है।
  • स्रोत – कैलाश रेंज, मानसरोवर झील के पास तिब्बत।
  • गंतव्य – अरब सागर।
  • पंचनाद – झेलम (विस्तास्ट), चिनाब (चंद्रभागा), रवि (इरावती), बियास (बिपाशा) और सतलज (सतद्रू)।
नदियांस्रोतडैम्स/ हाइड्रो परियोजना
झेलमवेरीनागउरी
चिनाबबर लचा पासदुल हस्ती
रविरोहतंग पास
बियासरोहतंग पास
सतलजमानसरोवर के पासगोविंद सागर / भाकड़ा नंगल बांध

B. गंगा नदी प्रणाली

  • स्रोत – कुमाऊं हिमालय में उत्तराखंड गोमुख के पास गंगोत्री ग्लेशियर।
  • इसे यहां भागीरथी के रूप में नामित किया गया है। देवप्रयाग में, अलकानंद भागीरथी में शामिल हो जाती हैं और गंगा बन जाती हैं।
  • बाएं बैंक सहायक नदियां – रामगंगा, गंडक, कोसी, घरघर, गोमती।
  • दाएं बैंक सहायक नदियां – सन
  • उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के माध्यम से गंगा बहती है।
  • यह पश्चिम बंगाल में भागीरथी और हुगली तथा बांग्लादेश में पद्म-मेघना में विभाजित होती है।
  • गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा है।
  • गंगा की कुल लंबाई – 2530 किमी।
  • गंगा बेसिन क्षेत्र 9,51,600 वर्ग किमी है।

C. ब्रम्हापुत्र

  • स्रोत – तिब्बत में मानसरोवर के पास चेमयुंग-डुंग ग्लेशियर।
  • तिब्बत में इसे त्संगपो के नाम से जाना जाता है।
  • यह अरुणाचल प्रदेश में नमचा बरवा के पास प्रवेश करती है
  • आखिर में यह बांग्लादेश में जमुना के रूप में प्रवेश करती है और बंगाल की खाड़ी में जाने के लिए पद्म से मिलती है।
  • राइट बैंक सहायक नदियों – सुबानसिरी, कामेंग, मानस।
  • लेफ्ट बैंक सहायक नदियों – बुरी दीहांग, कामेंग।
  • माजुली ब्रह्मपुत्र का एक बड़ा नदी द्वीप है।
  • ब्रह्मपुत्र की कुल लंबाई 2900 किमी है।

II. प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली

  • प्रायद्वीपीय नदियां पश्चिम और पूर्व दोनों में बहती हैं।
  • नर्मदा और तापी अरब सागर में बहती हैं जहां महानदी, गोदावरी, कावेरी और कृष्ण बंगाल की खाड़ी से निकलती हैं।
  • पूर्व बहने वाली नदियां डेल्टा बनाती हैं जहां पश्चिम बहने वाली नदियां डेल्टा नहीं बनाती हैं।
  • नर्मदा और तापी रिफ्ट घाटियां हैं।
नदियांउद्गम  (Origin)डैम्स / हाइड्रो परियोजनामहत्वपूर्ण नोट्स
महानदीदंडकारण्य, रायपुर, छत्तीसगढ़हीराकुंडओडिशा की सबसे बड़ी और सबसे लंबी नदी
गोदावरीत्रिंबक पठार, नासिक, महाराष्ट्रदक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी
दक्षिण गंगा के रूप में जाना जाता है
कृष्णामहाराष्ट्र में महाबलेश्वरनागार्जुन सागरसहायक नदियां – तुंगभद्रा, कोयना, घटप्रभा, भीमा, दुधगंगा।
कावेरीताला कावेरी, पश्चिमी घाटशिवसममुद्र झरने
नर्मदाअमरकंटक पठार, एमपीनर्मदा घाटी परियोजनाडुआन धर झरना। विंधयन और सतपुरा रेंज के बीच रिफ्ट घाटी के माध्यम से बहती है
तापीबैतूल जिले में मुलताई, एमपीउकाईनर्मदा की जुड़वा के रूप में जाना जाता है

अंतरराज्यीय नदी विवाद – भारत की नदियां और ड्रेनेज सिस्टम

कावेरी जल विवाद

  • कावेरी एक अंतर राज्य नदी है जो कर्नाटक में निकलती है और बंगाल की खाड़ी में बहने से पहले तमिलनाडु और पुडुचेरी के माध्यम से बहती है।
  • 1892 में, कावेरी समझौता मैसूर राज्य और अन्य रियासतों के बीच किया गया था
  • 1924 में, समझौते को 50 वर्षों तक नवीनीकृत किया गया था
  • 1970 में, तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार से एक ट्रिब्यूनल स्थापित करने के लिए कहा और उसी वर्ष तमिलनाडु किसान संघ ने सुप्रीम कोर्ट में नागरिक मुकदमा दायर किया था।
  • 1990 में कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल की स्थापना हुई थी।
  • ट्रिब्यूनल ने 1991 में कर्नाटक राज्य को अपने जलाशयों से तमिलनाडु को 205 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी छोड़ने का आदेश देने के लिए एक अत्यादेश पारित किया था।
  • कर्नाटक ने आदेश का पालन करने से इंकार कर दिया और सुनवाई के 16 साल बाद, तमिलनाडु को 419 हजार मिलियन घन फीट पानी आवंटित करने का एक और निर्णय पारित किया गया।
  • कर्नाटक ने फिर से आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया और राज्य के खिलाफ अदालत की अवमानना ​​का मामला दर्ज किया गया।
    मामला अभी भी न्यायिक दृष्टिकोण में है।

सतलुज यमुना लिंक नहर मुद्दे

  • विवाद तब शुरू हुआ जब 1966 में हरियाणा राज्य पंजाब से अलग हो गया था।
  • हरियाणा को सतलज और बीस से पानी के अपने हिस्से का उपयोग करने के लिए सक्षम करने के लिए, वर्ष 1982 में नहर के निर्माण की योजना बनाई गई थी।
  • पंजाब से विरोध प्रदर्शन के कारण 1986 में निर्माण बंद कर दिया गया था
  • 2002 में नहर के निर्माण को पूरा करने के लिए हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट से संपर्क किया। अदालत ने पंजाब को 12 महीने में निर्माण पूरा करने का आदेश दिया।
  • 2004 में, पंजाब विधानसभा ने एक जल साझा करने वाला अधिनियम पारित किया जिसने अपने सभी जल साझा करने के बकाया को हटा दिया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में 12 साल बाद असंवैधानिक के रूप में इस अधिनियम की घोषणा की
  • केंद्र ने इस मामले में मध्यस्थ के रूप में कार्य करने का विकल्प चुना है।

I hope, this article about Indian rivers in Hindi | भारत की प्रमुख नदियाँ~भूगोल GKTodayJobAlert is very informative for you.

If you liked this article please follow us on Facebook and Twitter.

Share Now “Sharing is Caring”

This Post Has 3 Comments

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.